डेटाबेस का परिचय – Introduction of Database in Hindi

डेटाबेस एक विविध प्रकार के जानकारी को संग्रहित करने का एक साधन है। यह संग्रहण, स्थानांतरण, संशोधन, तथा संपादन के लिए जानकारी को संग्रहित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस ब्लॉग पोस्ट में डेटाबेस का परिचय (Introduction of Database in Hindi) से संबंधित पूरी जानकारी दिया गया है।

कोई सरकारी कार्यालय से, व्यावसायिक प्रतिष्ठान हो, कोई उद्योग हो अर्थात जीवन का कोई भी क्षेत्र हो, आंकड़ों की आवश्यकता प्रत्येक स्थान पर पड़ती ही है। आंकड़ों अर्थात डेटा (Data) के अभाव में कोई भी कार्य सुचारु रूप से संचालित कर पाना असम्भव-सा है।

किसी कार्यालय में कितने कर्मचारी कार्य करते हैं, किस कर्मचारी को क्या कार्य सौंपा गया है, सौंपे गए कार्य में से उसने कितना कार्य किया है, उसके द्वारा किया गया कार्य अपेक्षानुरूप है अथवा नहीं, प्रत्येक कर्मचारी का वेतन एवं अन्य भत्ता कितना है, कितने ग्राहक फर्म में हैं, किस ग्राहक को क्या, कितना और कितने का माल कब गया, उसका भुगतान अपेक्षित है, भुगतान आया अथवा नहीं आदि अनेक ऐसी जानकारियों को आंकड़ों अर्थात डेटा (Data) के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। वर्तमान समय में डेटाबेसेज़ (Databases) एवं डेटाबेस सिस्टम (Database System) हमारे दैनिक जीवन के आवश्यक अंग बन गए हैं। दैनिक जीवन के क्रियाकलापों में हम अक्सर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डेटाबेसेज़ (Databases) से इन्ट्रैक्ट (Interact) करते रहते हैं। चाहे हम बैंक में पैसा जमा करते हो या बैंक से पैसा निकालते हों, रेल या हवाई यात्रा के लिए टिकटों का आरक्षण करवाते हो, इन्टरनेट पर कुछ खरीदारी करते हो अथवा इन्टरनेट (Internet) से ऑनलाइन (Online) सूचनाओं को प्राप्त करते हो, हमारा इन्ट्रेक्शन (Interaction) अप्रत्यक्ष रूप से डेटाबेसेज़ (Databases) से होता ही रहता है।

हम जिन सूचनाओं को प्राप्त करते हैं वे डेटाबेसेज़ (Databases) में स्टोर रहती हैं और डेटाबेस मैनेजमेन्ट सिस्टम (Database Management System-DBMS) द्वारा प्रोसेस (Process) और प्रबन्धित करके हमें उपयोगी प्रारूप में उपलब्ध करायी जाती हैं। उपरोक्त इन्ट्रेक्शन्स (Interactions), पारम्परिक डेटाबेस एप्लीकेशन्स (Traditional Database Applications) के उदाहरण हैं, जिनमें स्टोर (Store) एवं एक्सेस (Access) की जाने वाली अधिकांश सूचनाएं या तो टेक्स्युअल (Textual) होती हैं या फिर न्यूमेरिक (Numeric) (पिछले कुछ वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए विकासों ने डेटाबेस सिस्टम (Database System) के नए-नए अनुप्रयोगों (Applications) को जन्म दिया है। उदाहरणस्वरूप, मल्टीमीडिया डेटाबेसेज़ (Multimedia Databases) में तस्वीरों, ध्वनियों गानों एवं चलायमान चित्रों (Videos) को स्टोर किया जा सकता है। जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (Geographic Information Systems GIS), मैप्स (Maps) अर्थात् नक्शों, मौसम से सम्बन्धित डेटा (Weather Data) एवं सेटेलाइट (Satellite) द्वारा ली गई तस्वीरों को न केवल स्टोर (Store) कर सकते हैं वरन् उन्हें एनालाइज़ (Analyze) भी कर सकते हैं।

बड़ी-बड़ी कम्पनियों में निर्णयन अर्थात् डिसिजन मेकिंग (Decision Making) के लिए बड़े-बड़े डेटाबेसेज़ (large Databases) से उपयोगी सूचना (Information) को एक्सट्रैक्ट (Extract) एवं एनालाइज़ (Analyze) करने के लिए डेटा वेयरहाउसेज़ (Data Warehouses) एवं ऑनलाइन एनालिटिकल प्रोसेसिंग सिस्टम्स (Online Analytical Processing-OLAP Systems) का प्रयोग किया जाता है।

इन्डस्ट्रियल एवं मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेस (Industrial and Manufacturing Processing) को नियन्त्रित (Control) करने के लिए रीयल-टाइम (Real-Time) एवं एक्टिव डेटाबेस टेक्नोलॉजी (Active Database Technology) का प्रयोग किया जाता है वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) पर इन्फॉर्मेशन को तेजी से सर्च (Search) किए जा सकने के लिए विभिन्न डेटाबेस सर्व टेक्नीक्स (Database Search Techniques) का प्रयोग किया जाता है।

डेटा (Data) यह अव्यवस्थित सामूहिक जानकारी डेटा (Data) कहलाती है, जिसका उपयोग उसके व्यवस्थीकरण (Management) तथा विश्लेषण (Processing) के उपरान्त सही अर्थों में किया जा सके तथा यह पूर्ण व्यवस्थित एवं विश्लेपित जानकारी समझने और प्रयोग करने में सरल हो।

डेटा (Data) यह शब्द है, जिसे धारणा (Assumption), निरीक्षण (Observation) अथवा तथ्य अर्थात् फैक्ट (Fact) के भाव में परिभाषित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, भारत की वर्तमान जनसंख्या, जो अभी-अभी हुई जनगणना रिपोर्ट पर आधारित होगी, तथ्य अर्थात् फैक्ट (Fact) डेटा (Data) होगी। आने वाले 10 सालों की जनसंख्या को पिछली पांच जनगणना रिपोर्ट्स (Repons) के आधार पर, औसत जनसंख्या वृद्धि की गणना करके ज्ञात करना धारणा के. रूप में डेटा (Data) को परिभाषित करना है।

डेटा (Data) को निरीक्षण के रूप में परिभाषित करने के लिए हम प्रि-पोल सर्वे (Pre-Poll Survey) का उदाहरण ले सकते हैं, जिसमें वोटों की गणना होने से पूर्व ही किसी राज्य अथवा देश में विभिन्न पार्टियों को मिलने वाली सीटों की गणना कर ली जाती है।

वास्तव में निरीक्षण (Observation), किसी स्थान पर जाकर लोगों की बातों को सुनकर और देखकर, डेटा (Data) एकत्रित करने की प्रक्रिया होती है। अतः निरीक्षण (Observation) के द्वारा बिल्कुल सही-सही डेटा (Data) प्राप्त नहीं किया जाता है। ऊपर दिए गए उदाहरणों के आधार पर हम भारत की जनसंख्या को निम्न प्रकार से डेटा (Data) के रूप में लिख सकते हैं। Population of India 1,270,272,105। इसी प्रकार किसी व्यक्ति का नाम, उसकी उम्र, उसका व्यवसाय या पद, उसका पता, उसका जन्म दिन, उसका लिंग आदि सभी डेटा (Data) हैं।

डेटा के मूलतः निम्नलिखित तीन प्रकार हैं-

एल्फाबेटिक डेटा (Alphabetic Data)—ऐसा डेटा (Data) जिसमें केवल अक्षरों (Alphabers) (A से Z अथवा a से 2) का प्रयोग होता है, एल्फाबेटिक डेटा (Alphabetic Data) कहलाता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति, संस्था अथवा स्थान आदि का नाम जैसे— Shiva Goyal, Sahara India, India इत्यादि । 

न्यूमेरिक डेटा (Numeric Data)—ऐसा डेटा (Data) जिसमें केवल अंकों (Numbers) (0 से 9) का प्रयोग होता है, न्यूमेरिक डेटा (Numeric Data) कहलाता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति का वेतन, किसी विद्यार्थी के प्राप्तांक आदि। यह डेटा (Data) भी निम्नलिखित दो प्रकार का होता है- 

>> इन्टीग्रल डेटा (Integral Data) – इस प्रकार के डेटा (Data) में फ्रेक्शन (Fraction) अर्थात् दशमलव संख्या (Decimal Number) का कोई स्थान नहीं होता है। जैसे किसी व्यक्ति की उम्र। 

>> फ्रैक्शनल डेटा (Fractional Data)- इस प्रकार के डेटा (Data) में इन्टीग्रल (Integral) और फ्रैक्शनल (Fractional) दोनों ही भाग होते हैं। जैसे किसी व्यक्ति का वेतन यदि र6050.50 है, तो इस डेटा (Data) का 6050 इन्टीग्रल भाग (Integral Part) तथा 50 फ्रैक्शनल (Fractional Part) भाग है।

एल्फान्यूमेरिक डेटा (Alphanumeric Data) – इस प्रकार के डेटा (Data) में अक्षरों (A से Z अथवा a से 2) तथा अंक (0 से 9) दोनों ही प्रयोग होते हैं। इन दोनों के अतिरिक्त कुछ विशेष चिन्हों, जैसे- #,$, / आदि का प्रयोग किया जा सकता है। जैसे—किसी व्यक्ति के घर का पता, 376/2, Shastri Nagar !

डेटा का रिप्रेजेन्टेशन (Representation of Data in hindi)

डेटाबेस मैनेजेमेन्ट सिस्टम (Database Management System-DBMS) में डेटा (Data) को स्कीमाज़ (Schemas), टेबल्स (Tables), रोज़ (Rows) अथवा रिकॉर्डस (Records) और कॉलम्स (Columns) के रूप में प्रस्तुत अर्थात् रिप्रेजेन्ट (Represent) अथवा व्यवस्थित (Organize) किया जाता है।

एक डेटाबेस मैनेजमेन्ट सिस्टम (DBMS) में अनेक स्कीमाज़ (Schemas) हो सकते हैं, एक स्कीमा ( Schema) में अनेक टेबल्स (Tables) हो सकती हैं। एक टेबल (Table) में अनेक रिकॉर्ड्स (Records) अर्थात् रोज़ (Rows) हो सकती हैं और एक रिकॉर्ड (Record) अर्थात् से (Row) में अनेक कॉलम्स (Columns) हो सकते हैं। यदि ये टेबल्स (Tables) एक-दूसरे से सम्बन्धित (Related) होती हैं, तो ये एक रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेन्ट सिस्टम (Relational Database Management System-RDBMS) का निर्माण करती है। (Field), रिकॉर्ड्स (Records) एवं टेवल (Table) को समझने के लिए हम निम्नांकित तालिका फील्ड का अध्ययन करते हैं-

ऊपर दी गई तालिका में Name, Physics… Grade फील्ड्स (Fields) के नाम हैं। प्रत्येक पंक्ति अर्थात् रो (Row) एक रिकॉर्ड (Record) है तथा तालिका ही टेबल (Table) है।

अतः हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि फील्ड (Field), किसी टेबल (Table) की सबसे छोटी इकाई है, रिकॉर्ड (Record) किसी एक प्रविष्टि के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है, यह जानकारी विभिन्न फील्ड्स (Fields) से बनी होती है तथा टेबल (Table) अथवा फाइल (File) विभिन्न रिकॉर्ड्स (Records) का समूह होता है।

डेटा और सूचना (Data and Information in Hindi)

डेटा (Data) और सूचना (Information) परस्पर सम्बन्धित हैं। वास्तव में इनको अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर गलती से प्रयोग कर लिया जाता है।

डेटा (Data) एक सेट (Set) से सम्बन्धित गुणात्मक (Qualitative) अथवा मात्रात्मक (Quantitative) वैरिएबल्स (Variables) के मान को दर्शाता है। यह अंकों (Numbers), अक्षरों (Letters) अथवा कॅरेक्टर्स (Characters) के सेट (Set) के रूप में होता है। इन्हें अक्सर माप (Measurement) के माध्यम से एकत्र किया जाता है। डेटा कम्प्यूटिंग (Data Computing) अथवा डेटा प्रोसेसिंग (Data Processing) में डेटा (Data) को एक स्ट्रक्चर (Structure), जैसे- टेबुलर डेटा (Tabular Data), डेटा ट्री (Data Tree), डेटा ग्राफ (Data Graph) आदि द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।

आमतौर पर डेटा (Data), कच्चे डेटा (Raw Data) अथवा असंसाधित डेटा (Unprocessed Data) को दर्शाता है। यह डेटा (Data) का मूल रूप होता है, इसको किसी भी प्रकार से संसाधित (Processed) अथवा विश्लेषित (Analysed) नहीं किया जाता। एक बार डेटा (Data) को विश्लेषित (Analysed) हो जाता है, तो इसे सूचना (Information) के रूप में माना जाता है।

किसी एक विशिष्ट तथ्य ( Fact ) अथवा परिस्थिति के विषय में भेजा अथवा प्राप्त किया गया ज्ञान (Knowledge) सूचना (Information) कहलाती है। सूचना (Information) सिम्बल्स (Symbols) की एक सिक्वेन्स (Sequence) है, जिसकी व्याख्या एक मैसेज (Message) के रूप में की जा सकती है। यह किसी निश्चित बात के बारे में ज्ञान प्रदान करती है। सूचना (Information) को संकेतों (Signs) के रूप में रिकॉर्ड (Record) किया जा सकता है और सिगनल्स (Signals) के रूप में ट्रान्समिट (Transmit) किया जा सकता है।

मूल रूप से डेटा (Data) सादे तथ्य (Plain Facts) हैं, जबकि सूचना (Information) दी जाने वाली जानकारी है। एक बार डेटा (Data) को किसी दिए गए सन्दर्भ के अनुरूप संसाधित अर्थात् प्रोसेस (Process), व्यवस्थित (Organized), संरचित (Structured) अथवा प्रस्तुत (Present) किया जाता है, तो यह उपयोगी हो जाता है और यह सूचना (Information) में परिवर्तित हो जाता है। डेटा (Data) और सूचना (Information) के मध्य कुछ अन्तर निम्नलिखित हैं- डेटा (Data) का प्रयोग कम्प्यूटर सिस्टम में इनपुट (Input) के रूप में किया जाता है, जबकि सूचना (Information) डेटा (Data) का आउटपुट (Output) है।

डेटा (Data) असंसाधित तथ्यों (Unprocessed Facts) के आंकड़े हैं, जबकि सूचना (Information) संसाधित डेटा (Processed Data) है।

● डेटा (Data) सूचना (Information) पर निर्भर नहीं है, जबकि सूचना (Information) डेटा (Data) पर निर्भर करती है।

डेटा (Data) विशिष्ट नहीं होता, जबकि सूचना (Information) विशिष्ट होती है।

● डेटा (Data) एक सिंगल यूनिट (Single Unit) हैं, जबकि अर्थपूर्ण जानकारी वाला डेटा का समूह (Group of Data) सूचना (Information) कहलाता है। 

● डेटा (Data) का कोई अर्थ नहीं होता, जबकि सूचना (Information) का कोई तार्किक अर्थ होना आवश्यक है।

● डेटा (Data) कच्चा माल है, जबकि सूचना (Information) तैयार उत्पाद ।

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको डेटाबेस का परिचय (Introduction of Database in Hindi) समझ में आ गया होगा। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके बताएं और यदि आपकी कोई सुझाव हो तो हमें ईमेल करें या जिससे हम आपके लिए और अच्छा कंटेंट प्रोवाइड करा सके।

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डेटाबेस से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर

डेटाबेस क्या है?

डेटाबेस एक विविध प्रकार के जानकारी को संग्रहित करने का एक साधन है।

डेटाबेस कैसे काम करता है?

डेटाबेस संग्रहण, स्थानांतरण, संशोधन, तथा संपादन के लिए जानकारी को संग्रहित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

डेटाबेस के प्रकार?

डेटाबेस के प्रकार कई हैं, उनमें से कुछ महत्वपूर्ण हैं: रिलायंस डेटाबेस, रिलीशनल डेटाबेस, ओबजेक्ट- ओरिएंटेड डेटाबेस, क्लाउड बेस्ड डेटाबेस

क्या SQL डेटाबेस के लिए एक क्लाउड सल्यूशन है?

नहीं, SQL डेटाबेस के लिए क्लाउड सल्यूशन नहीं होता है, क्लाउड सल्यूशन के लिए NoSQL databases like MongoDB, Cassandra, and Riak का उपयोग किया जाता है।

डेटाबेस की क्वेरी कैसे करें?

डेटाबेस की क्वेरी करने के लिए SQL (Structured Query Language) का उपयोग किया जाता है, जो डेटाबेस को खोजने, संशोधन या हटाने के लिए किसी भी सूचना को प्रदान करता है।

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